भारती यादव को आखिरकार आना ही पड़ा। वैसे भारती के परिवार ने कोशिश तो काफी की उसको गवाही से बचाने के लिए। लेकिन हाय रे किस्मत, पासपोर्ट ने सब गड़बड़ कर दी। चलो देर से ही सही अब भारती की गवाही हो सकेगी। लेकिन देखना होगा कि भारती कोर्ट मे कया बयान देती है। क्या भारती अपने परिवार के खिलाफ जा सकेगी? वैसे अगर वह ऐसा पिछ्ले कई सालों मे नही कर पाई तो संदेह होता है कि वह आज भी ऐसा कर पायेगी। लेकिन यदि भारती ऐसा कर पाती है तो सच की यह एक और जीत होगी।
पिछले कुछ समय से मीड़िया में चर्चित कई केसों के फैसले आए है और काफी त्वरित आये है। चाहे वह प्रियदर्शनी मट्टू केस हो या फिर जेसिका लाल केस की पुनः सुनवाई हो। और ऐसा हो पाया है केवल मीड़िया की सजगता के कारण। मीड़िया ने जिस प्रकार इन केसों पर नजर रखी तथा जनता को इन मुद्दों से जोड़े रखा वह सचमुच काबिले तारिफ है। वैसे और भी आच्छा हो यदि यही मीड़िया रोज दो-तीन घंटे क्रिकेट पर बर्बाद करने की बजाए, जनता को इसी प्रकार सामाजिक मुद्दों पर जागरुक करें तथा उन्हें उनसे जुड़ने मे मदद करें।
August 31, 2007 at 9:06 am
सामने सब के स्वीकार करता हूँ
हिन्दी से कितना प्यार करता हूँ
कलम है मेरी टूटी फूटी
थोड़ी सुखी थोड़ी रुखी
हर हिन्दी लिखने वाले का
प्रकट आभार करता हूँ
आप लिखते रहिए
मैं इन्तज़ार करता हूँ ।
NishikantWorld