मै कौन हूँ, नही जानता। काफी समय यही खोजने मे बिताया, लेकिन आज तक नही जान पाया कि मै कौन हूँ। कोई कहता है कि मै ईमानदार हूँ, कोई कहता है कि मै बेईमान हूँ। कोई कहता है कि मै सच्चा हूँ, कोई कहता है कि सच्चा नही हूँ। कोई कहता है कि मै अच्छा आदमी हूँ, कोई कहता है कि बूरा आदमी हूँ। नही जानता कि कौन सही है और कौन गलत।
अगर आप दूसरों के आपके प्रति आकलन से चलेंगे तो भटकते रह जायेंगे और मैं कौन हूं अनुत्तरित रह जायेगा । दुनिया किसी भी मामले में कभी एकमत हो पायी है भला ? अपनी खुद की राय बनाइये । केवल आप ही अपने भीतर झांक सकते हैं और देख सकते हैं कि आप क्या हैं । यह बात और है कि तब भी आप औरों को अपनी हकीकत न बतायें ।
– योगेन्द्र